तू जीत गई! मैं हार गया हूं "अब पहले वाली बात नहीं है"
"अब पहले वाली बात नहीं है"
जब से तू मेरे साथ नहीं है
अब पहले वाली बात नहीं है
तेरे दिल में अब घर नहीं है
तुझे खोने का अब डर नहीं है
तेरे बिन हम मर जाएंगे
कहने वाला अब कोई नहीं है
रोज रुठना रोज मनाना
संग हंसने वाला कोई नहीं है
जी भरने पर रो दू जब में
तब आंसू पोंछे वो कोई नहीं है
खाना खाया या भूखे हो तुम
यह पूछने वाला कोई नहीं है
कितनी शामें छत पर काटी पर
पहले वाली शाम नहीं है
तेरे साथ से फेमस थे हम
अब पहले जैसा नाम नहीं है
धूप , छांव हो या बरसाते
अब पहले वाली मौज नहीं है
रातें झटपट कट जाती है
तेरे ख्वाबों की अब फौज नहीं है
दिन कटता नहीं पर सालें बीती
तेरे आने की अब उमीद नहीं है
तू जीत गई! मैं हार गया हूं
अब तुझको मुझसे प्रीत नहीं है
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