तुमसे वफादार तो मेरी सिगरेट निकली यार.......................

 सच कहूं तो जब वो मुझे छोड़कर गई थी तो ऐसा लगता था जैसे जीने की उम्मीद ही खत्म हो गई हो। दिल बार बार उस से बात करने को तड़पता , और मैं उसे जब भी कॉल करता एक ही आवाज मेरे कानो में गूंजती "जिस व्यक्ति से आप बात करना चाहते हैं, वो अभी दूसरी कॉल पर व्यस्त है, कृपया कुछ देर बाद ट्राई करे। बहुत रोता था उसकी याद में। मैं जिस इंसान से अपनी जान से ज्यादा महोब्बत करता हूं आज उसके पास अब मेरे लिए वक्त नहीं है बात करने के लिए। रोज उसका नंबर व्हाट्सएप पर चेक करता, उसको ऑनलाइन देखकर दिल अंदर ही अंदर बहुत जलता, उससे बात करने के लिए मेसेज भी करता , प्लीज बेबी, एक बार बात कर लो यार, दिल बहुत तड़प रहा है आप से बात करने के लिए। प्लीज मेरी जान , एक बार बात कर लो। कई दिनों तक उसे ऐसे ही मेसेज करता रहा , यह सोच कर कि शायद अब बात कर ले। उसका यही मेसेज आता कि मुझे अपने हाल पर छोड़ दो। बहुत कुछ करना है मुझे जिंदगी में, मेने अभी किया ही क्या हैं। व्हाट्सएप पर भी इसके अलावा और कोई बात नही होती।  उसने मुझे व्हाट्सएप से ब्लॉक कर दिया। मेरे नंबर भी ब्लैक लिस्ट में डाल दिए। अब मैं कर भी क्या सकता था। छोड़कर चले जाने के बाद उसने तो मुझे मनाने की कभी कोशिश नहीं की। लेकिन हर बार में उसको मनाता, शायद यही ।eri तकदीर बन गई थी। मेने कई बार उसके घरवालों से भी बात करने की कोशिश की , लेकिन मुझे वह से एक ही बात सुन ने को मिलती कि तुझे जो करना है वो कर ले। कई दिन ,उसकी याद में रो रोकर निकले, कई राते नही सोया ।  उसकी याद हर जगह हर घड़ी आती। इतना टूट गया था मैं अंदर से कि अपने आप को एक कमरे में बंद कर दिया । ना किसी से मिलना, ना किसी से बात करना। कुछ समझ नही आ रहा था कि क्या करू। उसकी याद को भूलने के लिए सिगरेट का सहारा ले लिया करता, उसकी याद तो मिट गई लेकिन सिगरेट की आदत ऐसी पड़ गई कि अब इसके बिना एक पल भी नही निकलता। अब महोब्बत से ज्यादा तो सिगरेट वफादार लगने लग गई थी। 

उसको तो कभी नही आती थी याद मेरी 

लेकिन उसको हर रोज याद करके रोना ! शायद यही मेरी तकदीर बन गई थी ।

जैसे तैसे करके अपने आप को संभाला।

उसकी याद तो पीछा छोड़ चुकी थी लेकिन एक आदत दूसरी पड़ गई ।

"चाय की टपरी और सिगरेट का सूट्टा"

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